झारखंड के रामगढ़ जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भुरकुंडा के बासल थाना क्षेत्र अंतर्गत लेम गांव के महली टोला में शुक्रवार सुबह पति-पत्नी के बीच हुआ विवाद हिंसक रूप ले बैठा। लंबे समय से प्रताड़ना झेल रही पत्नी किरण देवी ने अपने पति अशोक उरांव पर कुल्हाड़ी (टांगी) से तीन वार कर उसकी हत्या कर दी।
घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। आरोपी पत्नी किरण देवी ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए रोते-बिलखते अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि उसका पति शराब के नशे में आए दिन उसके साथ मारपीट करता था और बच्चों को भी नहीं बख्शता था। किरण के अनुसार, अगर वह उस दिन ऐसा नहीं करती, तो उसका पति उसकी जान ले लेता।
प्रताड़ना से टूट चुकी थी पत्नी
किरण देवी ने बताया कि उसके तीन छोटे बच्चे हैं—पांच साल की पूजा, तीन साल की मिस्टी और दो साल का दुधमुंहा बेटा अयांश। पति की लगातार हिंसा से तंग आकर वह वर्ष 2018 में मायके चली गई थी, जहां करीब दो साल तक रही। बाद में सास के कहने पर वह दोबारा लेम गांव लौटी, लेकिन हालात नहीं बदले। पति काम करने के बजाय शराब पीकर झगड़ा करता रहता था, जबकि घर-गृहस्थी और खेती-बाड़ी की जिम्मेदारी वही निभाती थी।
उसने कहा कि पति कई बार उसकी हत्या की कोशिश कर चुका था। शुक्रवार को झगड़े के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि अपनी जान बचाने के लिए उसने टांगी उठा ली और वार कर दिया, जिससे पति की मौके पर ही मौत हो गई।
मां ने मांगी बहू के लिए कम सजा
घटना की सूचना मिलते ही मृतक की मां दुग्गी देवी और छोटा भाई पियस उरांव मौके पर पहुंचे। बेटे की मौत से टूट चुकी मां पहले तो बहू पर गुस्सा जाहिर करती रही, लेकिन जब उसे पुलिस की गिरफ्त में देखा तो फूट-फूटकर रो पड़ी। थाना प्रभारी से उसने हाथ जोड़कर गुहार लगाई कि बहू को कम सजा दी जाए, क्योंकि उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं और अब उनकी देखभाल कौन करेगा।
दुधमुंहे बेटे के साथ जेल जाएगी किरण
पति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किरण देवी अपने दो वर्षीय बेटे अयांश को गोद में लेकर जेल जाएगी, क्योंकि बच्चा अभी मां के दूध पर निर्भर है। यह दृश्य देखकर गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं। वहीं, दोनों बेटियों पूजा और मिस्टी की जिम्मेदारी अब दादी पर आ गई है। मजदूरी कर परिवार चलाने वाली दादी के सामने अब बच्चों के पालन-पोषण की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
पहले भी हत्या के आरोप में जेल जा चुका था मृतक
बताया जाता है कि मृतक अशोक उरांव ने वर्ष 2015 में गांव के ही एक युवक की टांगी से हत्या की थी। इस मामले में वह करीब पांच साल तक जेल में सजा काट चुका था। जेल से छूटने के बाद भी उसकी शराब की लत नहीं छूटी और घरेलू विवाद लगातार बढ़ते रहे।
मासूम बच्चों की बातों ने रुलाया
घटना के बाद घर के आंगन में पिता का शव पड़ा था और तीनों मासूम बच्चे पास में खेलते नजर आए। इसी दौरान मोबाइल पर फोन आया, जिसे तीन साल की मिस्टी ने उठाया। स्पीकर पर आवाज आई—“तोहर बप्पा कहां हव?” मासूम बच्ची ने तोतली आवाज में जवाब दिया—“मर गेलव।” जब पूछा गया “के मारलव?” तो उसने सहजता से कहा—“मइयां मारलव।” यह सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
एक ही घटना ने पूरे परिवार को बिखेर कर रख दिया। अब दो बेटियां दादी के सहारे जिंदगी बिताएंगी, जबकि दुधमुंहा बेटा मां के साथ जेल में रहेगा—इस सच्चाई से हर कोई स्तब्ध है।
