रांची में मानवता की बड़ी मिसाल: मुक्ति संस्था ने जुमार नदी तट पर 36 लावारिस शवों का पूरे विधि-विधान से किया अंतिम संस्कार

रांची: राजधानी रांची में सामाजिक संस्था ‘मुक्ति’ ने एक बार फिर इंसानियत की अनूठी मिसाल पेश की है। रविवार (31 मई 2026) को संस्था के सदस्यों ने जुमार नदी तट पर पूरे विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ 36 अज्ञात (लावारिस) शवों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया और उन्हें सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी।

रिम्स मोर्चरी से लाए गए थे शव

ये सभी शव रिम्स (RIMS) के मोर्चरी (शवगृह) में लंबे समय से रखे हुए थे, जिनका कोई भी वारिस या परिजन सामने नहीं आया था। मुक्ति संस्था के सदस्य इन शवों को मोर्चरी से ससम्मान निकालकर जुमार नदी तट पर लेकर आए, जहां उनके अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई।

संस्था के अध्यक्ष ने दी मुखाग्नि, पढ़ी गई अंतिम अरदास

अंतिम संस्कार के दौरान सर्वधर्म सद्भाव की तस्वीर भी देखने को मिली। संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने पूरे रीति-रिवाज के साथ अज्ञात शवों को मुखाग्नि दी, वहीं परमजीत सिंह टिंकू द्वारा मृतकों की आत्मा की शांति के लिए अंतिम अरदास पढ़ी गई।

अब तक 2,189 शवों को दे चुके हैं सम्मानजनक विदाई

मुक्ति संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए संस्था अब तक कुल 2,189 अज्ञात शवों का विधिवत अंतिम संस्कार कर चुकी है। इस पुनीत कार्य में संस्था के कई सक्रिय सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया में अपना सहयोग दिया। संस्था का मुख्य उद्देश्य उन मृतकों को गरिमापूर्ण विदाई देना है, जिन्हें दुनिया लावारिस समझकर छोड़ देती है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *