रांची: शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि मौजूदा चेस वर्ल्ड चैंपियन को 12 साल के खिलाड़ी से हार का सामना करना पड़ेगा। लेकिन रूस के 12 वर्षीय चेस मास्टर सर्गेई स्क्लोकिन ने यह करिश्मा कर दिखाया है। कतर की राजधानी दोहा में आयोजित वर्ल्ड ब्लिट्ज चेस चैंपियनशिप 2025 में स्क्लोकिन ने विश्व चैंपियन डी. गुकेश को मात देकर सभी को चौंका दिया।
कागजों पर गुकेश थे ज्यादा मजबूत
मैच से पहले माना जा रहा था कि गुकेश यह मुकाबला आसानी से जीत लेंगे, क्योंकि आंकड़ों के लिहाज से वह कहीं अधिक मजबूत दिख रहे थे। वर्तमान विश्व चैंपियन गुकेश की ब्लिट्ज रेटिंग 2628 है, जबकि स्क्लोकिन की रेटिंग करीब 2400 है। रैंकिंग में इतने बड़े अंतर के बावजूद मुकाबला बेहद रोमांचक और बराबरी का रहा।
मैच का निर्णायक क्षण 70वीं चाल पर आया। इस समय गुकेश काले मोहरों से खेल रहे थे और उनकी घड़ी में महज आठ सेकंड बचे थे, जबकि स्क्लोकिन के पास 13 सेकंड शेष थे।
12 वर्षीय खिलाड़ी की चाल में फंसे गुकेश
इस अहम मोड़ पर युवा रूसी खिलाड़ी ने ऐसी चाल चली, जिससे गुकेश मुश्किल में पड़ गए। ड्रॉ कराने के बजाय गुकेश ने खेल को आगे बढ़ाने के लिए जोखिम भरा फैसला लिया, लेकिन यह रणनीति कारगर साबित नहीं हुई। इसके बाद गुकेश की स्थिति लगातार कमजोर होती चली गई और अंततः उन्हें स्क्लोकिन के सामने हार स्वीकार करनी पड़ी।
वर्ल्ड रैपिड शतरंज चैंपियनशिप में 20वां स्थान
इससे पहले गुकेश ने वर्ल्ड रैपिड शतरंज चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था, जहां वह 20वें स्थान पर रहे। इस प्रतियोगिता में उन्होंने छह मुकाबले जीते और दो में हार का सामना किया। रैपिड चैंपियनशिप में मैग्नस कार्लसन ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत के अर्जुन एरिगैसी और कोनेरू हम्पी ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
टूर्नामेंट से पहले गुकेश ने कहा था कि क्लासिकल शतरंज उनका सबसे मजबूत फॉर्मेट है। उन्होंने रैपिड और ब्लिट्ज मुकाबलों को बिना किसी दबाव के सीखने और प्रयोग करने का अवसर बताया था।
