रांची: पांच राज्यों (पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी) के विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल को लेकर सियासी बहस छिड़ गई है। झारखंड कांग्रेस की स्टार प्रचारक और राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने एग्जिट पोल को खारिज करते हुए इसे महज एक ‘नैरेटिव सेट’ करने का माध्यम बताया है। उन्होंने दावा किया कि इन नतीजों में असम और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी बेहतर रहेगा।
प्रमुख बिंदु:
- एग्जिट पोल पर प्रतिक्रिया: मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि उन्होंने एग्जिट पोल देखना ही छोड़ दिया है, क्योंकि इनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं होता और ये सिर्फ एक एजेंडा सेट करने के लिए जारी किए जाते हैं।
- असम चुनाव और एसआईआर (SIR) का मुद्दा: उन्होंने कहा कि असम में भाजपा के खिलाफ लोगों में भारी रोष है। आनन-फानन में लाए गए एसआईआर (SIR) को लेकर जनता में नाराजगी है और इसका नुकसान भारतीय जनता पार्टी को उठाना पड़ेगा।
- पश्चिम बंगाल की स्थिति: कांग्रेस की सह प्रभारी और राष्ट्रीय सचिव ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में पिछली बार कांग्रेस के पास शून्य सीटें थीं, लेकिन इस बार पार्टी की सकारात्मक वृद्धि (Positive Growth) दर्ज होगी। वोट प्रतिशत में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
- बंगाल में सत्ता का दुरुपयोग: उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में गुंडागर्दी और सिंडिकेट राज चल रहा है। भाजपा और टीएमसी दोनों ने सत्ता और सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किया है, जिसके बावजूद कांग्रेस एक बेहतर और मजबूत स्थिति में उभरकर सामने आएगी।
सभी राजनीतिक दलों के अपने-अपने दावे हैं। 4 मई को आने वाले चुनावी नतीजे ही यह तय करेंगे कि कांग्रेस के ये दावे कितने सही साबित होते हैं, लेकिन पांचों राज्यों के चुनाव में एक बड़े सियासी बदलाव की आहट जरूर दिखाई दे रही है।
