गिरिडीह: भारत सरकार विकास की नीतियों के निर्धारण के लिए लंबे समय बाद जनगणना कार्य शुरू करने जा रही है। इस बार की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होगी, जिसकी शुरुआत 16 मई 2026 से होगी। इसे लेकर गुरुवार (30 अप्रैल 2026) को गिरिडीह जिला प्रशासन ने एक प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर डीडीसी स्मिता कुमारी, एडिशनल कलेक्टर विजय सिंह विरुआ, एनडीसी आशुतोष ठाकुर और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती उपस्थित रहीं।
प्रमुख बिंदु:
- पोर्टल पर स्व-गणना (Self-Enumeration): डिजिटल जनगणना के तहत मकानों की जानकारी देने के लिए भारत सरकार का पोर्टल 1 मई 2026 से शुरू हो जाएगा, जिस पर आम लोग 15 मई 2026 तक अपनी जानकारी स्वतः अपलोड कर सकेंगे।
- आधिकारिक वेबसाइट: नागरिक अपनी जानकारी www.se.census.gov.in पर जाकर अपलोड कर सकते हैं।
- दो चरणों की प्रक्रिया: जनगणना का पहला चरण 16 मई से 14 जून 2026 तक (एक महीने) चलेगा, जिसमें मकानों की गणना की जाएगी।
- 30 प्रमुख सवाल: इस दौरान मकानों से जुड़े 30 सवालों के जवाब देने होंगे। इनमें परिवार के मुखिया का नाम, उपलब्ध कमरों की संख्या, पेयजल का स्रोत, वाहनों की संख्या व प्रकार, भोजन पकाने का स्रोत और परिवार के सदस्यों की संख्या आदि शामिल हैं।
- डोर-टू-डोर सर्वे: डिजिटल प्रक्रिया (1 मई से 15 मई) के बाद, 16 मई से भारत सरकार के प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे और फॉर्म भरेंगे। इस कार्य के लिए 4,699 प्रगणकों और 802 सुपरवाइजरों की नियुक्ति की गई है।
प्रशासन द्वारा दी गई अन्य महत्वपूर्ण जानकारी:
- किरायेदारों की गणना: यदि किसी मकान में अलग-अलग परिवार या किरायेदार रहते हैं, तो मकान का नंबर एक ही रहेगा, लेकिन सभी किरायेदार परिवारों की अलग-अलग गणना की जाएगी।
- बंद घरों की गणना: बंद पड़े घरों की भी गणना की जाएगी और उन्हें भी नंबर दिया जाएगा।
- चार्ज का विभाजन: कुल 16 चार्ज बनाए गए हैं। इनमें 13 चार्ज शहरी क्षेत्रों, एक नगर निगम, एक बगोदर (बड़की सरिया) और एक धनवार में काम करेंगे। नगर निगम क्षेत्र की जिम्मेदारी उप नगर आयुक्त और उनके अधीन कर्मियों की होगी, जबकि प्रखंडों में बीडीओ (BDO) इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
