“सड़क या स्विमिंग पूल?” गोड्डा के कृष्ण टोला में विकास के दावों की निकली हवा, जलमग्न रास्तों ने बढ़ाई मुसीबत

गोड्डा: झारखंड में विकास की लंबी-चौड़ी बातों के बीच गोड्डा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जिला मुख्यालय से मात्र 20 किलोमीटर दूर स्थित सुनडमारा पंचायत का कृष्ण टोला गांव आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यहां की सड़कें अब चलने लायक नहीं रहीं, बल्कि बेमौसम बारिश में ही ‘तालाब’ का रूप ले चुकी हैं।

बेमौसम बारिश ने खोली पोल

हैरानी की बात यह है कि अभी मानसून ने दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन महज कुछ घंटों की बेमौसम बारिश ने ही गांव के मुख्य रास्ते को दरिया बना दिया है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे पानी से लबालब भरे हैं, जिससे राहगीरों को यह अंदाजा ही नहीं मिल पाता कि ज़मीन कहाँ है और गड्ढा कहाँ।

ग्रामीणों का दर्द: “सिर्फ वोट के समय आते हैं नेता”

स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि:

  • हादसों का डर: सड़क पर पानी भरे होने के कारण आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
  • सिर्फ आश्वासन: चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जीत दर्ज करने के बाद कोई भी सुध लेने नहीं आता।
  • आने वाला खतरा: ग्रामीणों का कहना है कि जब बेमौसम बारिश में यह हाल है, तो मानसून के दौरान गांव का संपर्क पूरी तरह कटने की नौबत आ जाएगी।

मुख्यालय के करीब, फिर भी विकास से दूर

गोड्डा जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर ऐसी स्थिति होना व्यवस्था की लाचारी को दर्शाता है। करोड़ों रुपये के विकास फंड का ढिंढोरा पीटा जाता है, लेकिन कृष्ण टोला की ये तस्वीरें हकीकत बयां कर रही हैं कि धरातल पर काम की रफ्तार क्या है।

निष्कर्ष: अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है? कृष्ण टोला के ग्रामीण आज भी एक अदद पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। देखना होगा कि इस खबर के बाद कुंभकर्णी नींद में सोए जिम्मेदार अधिकारी और नेता जागते हैं या नहीं।

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