नई दिल्ली: उत्कृष्ट संसदीय कार्यों और सदन में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 12 सांसदों और चार संसदीय समितियों को इस वर्ष के प्रतिष्ठित ‘संसद रत्न पुरस्कार 2026’ के लिए चुना गया है। निजी संगठन ‘प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन’ ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी घोषणा की है।
संसद रत्न पुरस्कार समिति की अध्यक्ष एडवोकेट प्रियदर्शनी राहुल ने बताया कि यह आयोजन बेहद खास होने वाला है, क्योंकि संगठन इस साल जुलाई में अपना 150वां पुरस्कार प्रदान करने जा रहा है।
इन 12 दिग्गज सांसदों का हुआ चयन
पुरस्कारों के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के 12 सांसदों को उनकी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली और बजट सत्र 2026 के अंत तक सदन में सक्रिय भागीदारी के आधार पर चुना गया है। चयनित सांसदों की सूची इस प्रकार है:
- जगदंबिका पाल (उत्तर प्रदेश – भाजपा, पूर्व मुख्यमंत्री)
- पी. पी. चौधरी (राजस्थान – भाजपा)
- निशिकांत दुबे (झारखंड – भाजपा)
- डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे (महाराष्ट्र – शिवसेना)
- प्रवीण पटेल (उत्तर प्रदेश – भाजपा)
- विद्युत बरन महतो (झारखंड – भाजपा)
- लुंबाराम चौधरी (राजस्थान – भाजपा)
- डॉ. हेमंत विष्णु सावरा (महाराष्ट्र – भाजपा)
- स्मिता उदय वाघ (महाराष्ट्र – भाजपा)
- नरेश गणपत म्हस्के (महाराष्ट्र – शिवसेना)
- डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी (महाराष्ट्र – भाजपा)
- नरहरि अमीन (गुजरात – भाजपा, पूर्व उप-मुख्यमंत्री)
कैंसर से जंग के बीच कर्तव्यनिष्ठा: सांसद स्मिता वाघ की सराहना
समिति की अध्यक्ष प्रियदर्शनी राहुल ने विशेष रूप से महाराष्ट्र की भाजपा सांसद स्मिता उदय वाघ के जज्बे और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने बताया कि सांसद स्मिता वाघ कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझने और कीमोथेरेपी के कठिन दौर से गुजरने के बावजूद निरंतर संसद सत्रों में शामिल हुईं और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
इन 4 संसदीय समितियों को भी मिलेगा सम्मान
सांसदों के अलावा अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और महत्वपूर्ण रिपोर्टों के लिए चार प्रमुख संसदीय समितियों को भी इस पुरस्कार के लिए चुना गया है:
- कृषि संबंधी समिति: (अध्यक्ष: डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व मुख्यमंत्री – पंजाब)
- वित्त समिति: (अध्यक्ष: भर्तृहरि महताब)
- ग्रामीण विकास और पंचायती राज समिति: (अध्यक्ष: सप्तगिरि शंकर उलाका)
- कोयला एवं खान समिति: (अध्यक्ष: अनुराग ठाकुर)
