झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। संस्थान के करीब 1,500 स्थायी कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से सैलरी नहीं मिली है, जिससे उनके सामने आर्थिक तंगी की स्थिति पैदा हो गई है। वेतन में हो रही इस प्रशासनिक देरी से नाराज कर्मचारियों ने मंगलवार को रिम्स के वित्त निदेशक (Finance Director) के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगें अधिकारियों के समक्ष रखीं।
कर्मचारियों ने दिया एक हफ्ते का अल्टीमेटम
नाराज कर्मचारियों ने रिम्स प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर उनके तीन महीने के बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक हड़ताल पर जाने को विवश होंगे। कर्मचारियों के इस कड़े रुख और अल्टीमेटम के बाद रिम्स प्रबंधन पर जल्द से जल्द इस वित्तीय समस्या का समाधान निकालने का भारी दबाव बन गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर मंडराया संकट
वित्त निदेशक कार्यालय के घेराव और इस विरोध प्रदर्शन में पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ समेत विभिन्न विभागों के स्थायी कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी कर्मचारियों ने एक सुर में प्रबंधन की लापरवाही और वेतन में हो रही लगातार देरी पर गहरी नाराजगी जताई।
यदि एक हफ्ते के भीतर इस गतिरोध को नहीं सुलझाया गया, तो कर्मचारियों की संभावित हड़ताल के कारण रिम्स में आने वाले हजारों मरीजों की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।
