Ranchi News: झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने शनिवार को राजधानी Ranchi के सिरम टोली स्थित सरना स्थल पर प्रकृति पर्व सरहुल के अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी एवं विधायक Kalpana Soren भी मौजूद रहीं।
पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार पाहन द्वारा पूजा संपन्न कराई गई। इस दौरान मुख्यमंत्री के कान में सरई (साल) का फूल खोंसकर उन्हें आशीर्वाद दिया गया। आदिवासी परंपरा में यह प्रकृति और मानव के गहरे संबंध का प्रतीक माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्यवासियों को सरहुल पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरहुल केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरमटोली का यह ऐतिहासिक स्थल आदिवासी परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने सरहुल महोत्सव से जुड़े सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि यह पर्व हमारी समृद्ध परंपराओं और रीति-रिवाजों को आगे बढ़ाने का अवसर देता है।
उन्होंने कहा कि सरहुल हमें प्रकृति से जुड़ाव का संदेश देता है। मनुष्य की यात्रा प्रकृति से शुरू होती है और अंततः उसी में समाहित हो जाती है। ऐसे में प्रकृति की रक्षा और संरक्षण के लिए संकल्प लेना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरहुल महोत्सव आदिवासी संस्कृति, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामुदायिक एकता का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व पर्यावरण संरक्षण और आपसी सौहार्द का संदेश देता है। राज्य सरकार आदिवासी परंपराओं, संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर उन्होंने एक बार फिर प्रदेशवासियों को इस पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं।

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