रांची: राजधानी के नामकुम थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई 15 लाख रुपये से अधिक की बड़ी चोरी का रांची पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने अंतरजिला स्तर पर सक्रिय एक शातिर चोर गिरोह के मुख्य सरगना को धर दबोचा है। इसके साथ ही आरोपी की निशानदेही पर चोरी के जेवर कौड़ियों के भाव खरीदने वाले एक ज्वेलर्स संचालक को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अवैध हथियार बरामद हुए हैं।
बंद घर को बनाया था निशाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मई महीने में चोरों ने नामकुम के केतारी बगान स्थित एक बंद घर को निशाना बनाया था। चोर वहां से करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात, कीमती घड़ियां और नकदी समेटकर फरार हो गए थे। इस हाई-प्रोफाइल चोरी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था।
हथियार के साथ दबोचा गया सरगना
एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर गिरोह के सरगना शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल उर्फ अहमद राजा उर्फ साहिल को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक लाख रुपये नकद, एक देसी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए।
15 से ज्यादा मामले हैं दर्ज: पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए सरगना शेख अफरोज का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के तहत 15 से अधिक गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
महारानी ज्वेलर्स में खपाए जाते थे जेवर
कड़ाई से की गई पूछताछ में अफरोज ने कुबूल किया कि उसने अपने 6-7 साथियों के साथ मिलकर इलाके के कई बंद घरों में चोरियां की हैं। उसने बताया कि वे चोरी के सारे जेवरात लोवाडीह स्थित ‘महारानी ज्वेलर्स’ में बेहद कम दामों पर बेच देते थे।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने महारानी ज्वेलर्स में छापेमारी की, जहां से करीब 212 ग्राम सोना और 18 किलोग्राम चांदी बरामद की गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ज्वेलर्स संचालक कृष्णा कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है।
अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी
पुलिस अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है कि चोरी के जेवर खरीदने का यह काला कारोबार कब से चल रहा था और इसमें कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही कुछ अन्य बड़ी चोरियों का भी खुलासा हो सकता है।
रांची: राजधानी के नामकुम थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई 15 लाख रुपये से अधिक की बड़ी चोरी का रांची पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने अंतरजिला स्तर पर सक्रिय एक शातिर चोर गिरोह के मुख्य सरगना को धर दबोचा है। इसके साथ ही आरोपी की निशानदेही पर चोरी के जेवर कौड़ियों के भाव खरीदने वाले एक ज्वेलर्स संचालक को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अवैध हथियार बरामद हुए हैं।
बंद घर को बनाया था निशाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मई महीने में चोरों ने नामकुम के केतारी बगान स्थित एक बंद घर को निशाना बनाया था। चोर वहां से करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात, कीमती घड़ियां और नकदी समेटकर फरार हो गए थे। इस हाई-प्रोफाइल चोरी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था।
हथियार के साथ दबोचा गया सरगना
एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर गिरोह के सरगना शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल उर्फ अहमद राजा उर्फ साहिल को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक लाख रुपये नकद, एक देसी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए।
15 से ज्यादा मामले हैं दर्ज: पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए सरगना शेख अफरोज का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के तहत 15 से अधिक गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
महारानी ज्वेलर्स में खपाए जाते थे जेवर
कड़ाई से की गई पूछताछ में अफरोज ने कुबूल किया कि उसने अपने 6-7 साथियों के साथ मिलकर इलाके के कई बंद घरों में चोरियां की हैं। उसने बताया कि वे चोरी के सारे जेवरात लोवाडीह स्थित ‘महारानी ज्वेलर्स’ में बेहद कम दामों पर बेच देते थे।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने महारानी ज्वेलर्स में छापेमारी की, जहां से करीब 212 ग्राम सोना और 18 किलोग्राम चांदी बरामद की गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ज्वेलर्स संचालक कृष्णा कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है।
अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी
पुलिस अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है कि चोरी के जेवर खरीदने का यह काला कारोबार कब से चल रहा था और इसमें कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही कुछ अन्य बड़ी चोरियों का भी खुलासा हो सकता है।
