नई दिल्ली: देश की राजधानी में केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Council of Ministers) के विस्तार और फेरबदल की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। इसी सियासी हलचल के बीच, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस मुलाकात की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा:
“केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार मुलाकात की।”
पीएम मोदी की मुलाकात के बाद शाह की बैठक से बढ़े सियासी मायने
राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे ठीक दो दिन पहले यानी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की थी। शीर्ष नेताओं की राष्ट्रपति से बैक-टू-बैक मुलाकातों के बाद से ही मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल के कयास लगाए जा रहे हैं।
इन वजहों से तेज हुई कैबिनेट विस्तार की चर्चा
- जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा: केरल के दिग्गज भाजपा नेता जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्होंने हाल ही में मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। वह केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री थे। बीजेपी ने 21 जून को खत्म हुए उनके कार्यकाल के बाद उन्हें दोबारा उच्च सदन नहीं भेजने का फैसला किया।
- रवनीत सिंह बिट्टू की सीट: रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह का भी राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया है। अगस्त 2024 से राजस्थान से राज्यसभा सदस्य रहे रवनीत सिंह को भी भाजपा ने इस बार दोबारा नामांकित नहीं किया है।
- संगठन में बदलाव: इसके अलावा, मोदी सरकार के कुछ मौजूदा मंत्रियों को उनके गृह राज्यों में संगठन की बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे कई महत्वपूर्ण पद खाली होने की संभावना है।
इन तमाम समीकरणों को देखते हुए माना जा रहा है कि आगामी दिनों में केंद्रीय मंत्रिमंडल का नया स्वरूप सामने आ सकता है, जिसमें कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है और कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया जा सकता है।
