रांची:
झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर राजनीति गरमा गई है। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छात्रों के समर्थन में हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी कर रहे थे।
पुलिस ने कैंप जेल भेजा
सीएम आवास की ओर बढ़ रहे भाजपा विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मुख्य द्वार से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। सरकार के विरोध में भाजपा नेता वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू समेत कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेकर खेलगांव स्थित अस्थायी कैंप जेल भेज दिया।
क्या हैं भाजपा की प्रमुख मांगें?
प्रदर्शनकारी नेताओं ने राज्य सरकार से निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:
- JPSC, JSSC CGL, उत्पाद सिपाही और शिक्षक भर्ती समेत सभी विवादित परीक्षाओं की अदालत की निगरानी में CBI जांच कराई जाए।
- भर्ती धांधली के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पद से इस्तीफा दें।
“सड़क से सदन तक जारी रहेगा संघर्ष”
भाजपा नेताओं ने कहा कि छात्र पिछले 17 दिनों से जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना और आमरण अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है।
- प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पुलिस कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए कहा, “निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज करना शर्मनाक है। जब हम छात्रों के हक की बात करने मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे, तो हमें रोक दिया गया। जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलता, भाजपा सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रखेगी।”
- नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा, “राज्य की लगभग हर बड़ी भर्ती परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार लाठी के दम पर छात्रों और विपक्ष की आवाज नहीं दबा सकती।”
