रांची: अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बुधवार को रांची स्थित सदर अस्पताल के ब्लड बैंक परिसर में राज्यस्तरीय ‘इंटेन्सीफाइड एचआईवी कैंपेन 2026’ और स्वैच्छिक रक्तदान शिविर की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर उन्होंने राज्यभर में एचआईवी के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के लिए विशेष प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एचआईवी संक्रमण की रोकथाम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके खिलाफ सबसे बड़ा हथियार जागरूकता ही है। सरायकेला और साहिबगंज जिलों में एचआईवी नियंत्रण के सराहनीय प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के उन 9 जिलों को प्राथमिकता पर चिन्हित किया जाए, जहाँ एचआईवी के मामले अधिक हैं।
15 मिनट में मिलेगा ब्लड, देश में मिसाल बनेगा झारखंड स्वास्थ्य मंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि राज्य में आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान रक्त की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष एजेंसी के साथ व्यवस्था बनाई जा रही है। इसके तहत जरूरतमंदों को महज 15 मिनट के भीतर ब्लड उपलब्ध कराया जा सकेगा, जो देश के लिए एक नजीर साबित होगा। इसके साथ ही उन्होंने सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज और रिम्स-2 (RIMS-2) के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने की बात दोहराई।
13 से 24 वर्ष के युवाओं में 19% नए मामले, चिंताजनक झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि यह सघन जागरूकता अभियान पूरे एक महीने तक चलाया जाएगा। युवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि हालिया अध्ययनों के अनुसार कुल नए एचआईवी मामलों में से लगभग 19 फीसदी मरीज 13 से 24 वर्ष की आयु वर्ग के युवा हैं, जो इस बात का संकेत है कि युवाओं के बीच जागरूकता फैलाना बेहद आवश्यक है।
