रांची: झारखंड की राजधानी रांची में बुधवार को मताधिकार की रक्षा और चुनाव आयोग की नीतियों के खिलाफ विरोध का बिगुल बजा। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के बैनर तले आयोजित इस नागरिक मार्च में सैकड़ों छात्र, युवा और विभिन्न नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि सड़कों पर उतरे।
सैनिक मार्केट से शुरू हुआ यह जुलूस केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचा, जहां यह एक बड़ी विरोध सभा में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का कड़ा विरोध कर रहे थे।
मुख्य मांगें और चुनाव आयोग पर निशाना अल्बर्ट एक्का चौक पर हुई सभा के दौरान वक्ताओं ने तीन प्रमुख मांगें रखीं:
- वोटर लिस्ट से जुड़ी SIR प्रक्रिया को तत्काल रद्द किया जाए।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त किया जाए।
- दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा और जांच हो।
‘वंचितों को बेदखल करने का षड्यंत्र’ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आइसा प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया की आड़ में समाज के गरीब, मजदूर, महिला, आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के वोटिंग अधिकार छीने जा रहे हैं। छात्र नेताओं का कहना था कि यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है और जब तक इस प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई जाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
