झारखंड के निजी विद्यालयों की मान्यता से जुड़े भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 को तय की गई है। इस मामले में पहले 9 अक्टूबर को सुनवाई होनी थी, जिसे आगे बढ़ा दिया गया है। राज्य के निजी विद्यालयों को उम्मीद है कि इस कानूनी प्रक्रिया से उन्हें जमीन संबंधी कड़े नियमों से राहत मिल सकती है।
मान्यता में आ रही हैं दिक्कतें: झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव रामरंजन कुमार सिंह का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम की प्रथम संशोधित नियमावली, 2019 के तहत निजी स्कूलों के लिए तय भूमि के मानक कई संस्थानों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। पर्याप्त जमीन उपलब्ध न होने के कारण कई विद्यालय मान्यता प्राप्त करने से वंचित हो रहे हैं।
एसोसिएशन ने विशेष अनुमति याचिका (सिविल) संख्या 18836/2025 में पक्षकार बनने के लिए आवेदन किया है। एसोसिएशन के धनबाद जिला सचिव इरफान खान ने बताया कि संगठन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता विद्यालयों पर लागू जमीन की बाध्यता को समाप्त करने या नियमों में जरूरी छूट देने की मांग रखेंगे। अब 26 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई के बाद ही इस मामले में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
