भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की गरिमा और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए नई दिल्ली में आयोजित सुप्रीम कोर्ट मार्च में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। राजधानी की सड़कों पर झारखंड कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के नारों ने लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए बुलंद संकल्प का संदेश दिया।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में निकाले गए इस लोकतांत्रिक मार्च में झारखंड सह प्रभारी भूपेंद्र मरावी, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, उपनेता राजेश कच्छप, विधायक शिल्पी नेहा तिर्की, राधा कृष्ण किशोर और इरफान अंसारी समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और इससे नागरिकों के मताधिकार पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर कड़ी चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर पात्र नागरिक के वोट की पूर्ण सुरक्षा, मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की पूरी निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार का संरक्षण लोकतंत्र की बुनियादी शर्त है। किसी भी पात्र व्यक्ति को उसके वोट के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों का निष्पक्ष समाधान होना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज और उसके मत का सम्मान सर्वोपरि है, और पार्टी अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
