रांची: झारखंड के उत्पाद विभाग (Excise Department) की हालिया ऑडिट रिपोर्ट को लेकर राज्य में सियासी पारा गरमा गया है। वर्ष 2021-25 की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट में सामने आईं तकनीकी गड़बड़ियों और गंभीर खामियों को मुद्दा बनाते हुए भाजपा ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। भाजपा ने इस पूरे मामले में जवाबदेही तय कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सरकारी खजाने को भारी चोट, निजी कंपनियों को फायदा: भाजपा
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार ने एक बयान जारी कर कहा कि पीएजी (PAG) की ऑडिट रिपोर्ट ने उत्पाद विभाग में चल रही गंभीर अनियमितताओं की पोल खोलकर रख दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ढुलमुल कार्यप्रणाली के कारण निजी कंपनियों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को करीब 20 हजार करोड़ रुपये के संभावित राजस्व का भारी नुकसान हुआ है।
ऑडिट रिपोर्ट में उजागर हुईं ये बड़ी कड़ियां:
भाजपा प्रवक्ता ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए शराब कारोबार की निगरानी व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े किए:
- प्राइवेट वेंडर से छपे होलोग्राम: नियमों को ताक पर रखकर शराब की बोतलों पर लगाए जाने वाले सुरक्षा होलोग्राम सरकारी व्यवस्था के बजाय एक निजी वेंडर से छपवाए गए।
- फेल रहा GPS ट्रैकिंग सिस्टम: शराब का परिवहन करने वाले वाहनों में लगाए गए जीपीएस (GPS) सिस्टम पूरी तरह ठप रहे, जिससे अवैध सप्लाई पर निगरानी नहीं रखी जा सकी।
- दस्तावेज छिपाने का आरोप: ऑडिट के दौरान जांच टीम को कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील सरकारी दस्तावेज उपलब्ध ही नहीं कराए गए, जो किसी बड़े घोटाले की ओर इशारा करते हैं।
