धनबाद: कोल इंडिया लिमिटेड अब कोयला उत्पादन के साथ-साथ शुद्ध पेयजल के क्षेत्र में भी कदम रखने जा रही है। कोयला मंत्रालय के निर्देश पर कंपनी खदानों से निकलने वाले पानी को रीसाइकिल कर ‘कोल नीर’ ब्रांड नाम से पैकेज्ड ड्रिंक वाटर बाजार में उतारेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए धनबाद के पुटकी बालिहारी क्षेत्र में पहला आधुनिक बॉटलिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जहाँ इसी वर्ष से उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
‘वेस्ट टू वेल्थ’ की दिशा में बड़ा कदम
खदानों से बेकार बह जाने वाले पानी को उपयोगी बनाने की कोल इंडिया की इस पहल को ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। धनबाद के पुटकी में बीसीसीएल (BCCL) के क्षेत्र से इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हो रही है। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो इसे कोल इंडिया की अन्य अनुषंगी कंपनियों (Subsidiaries) में भी लागू किया जाएगा। इस बेहद खास प्रोजेक्ट की सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा भी निगरानी की जा रही है और कोयला मंत्रालय हर महीने इसकी प्रगति की समीक्षा करेगा।
मेकॉन (MECON) को मिली प्लांट की जिम्मेदारी
इस बड़े प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने का काम देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और कंसल्टेंसी कंपनी ‘मेकॉन’ को सौंपा गया है। पुटकी बालिहारी में लगने वाले इस आधुनिक प्लांट की डिजाइनिंग, तकनीकी कार्य और स्थापना की पूरी जिम्मेदारी मेकॉन ही निभा रही है। वर्तमान में प्लांट का निर्माण कार्य काफी तेज गति से चल रहा है ताकि तय समय सीमा के भीतर ‘कोल नीर’ का उत्पादन शुरू किया जा सके। इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिए सभी अनुषंगी कंपनियों में अधिकारियों की विशेष टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
