नई दिल्ली: देश में महंगाई का बड़ा झटका लगा है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों में उछाल के बीच कमर्शियल (वाणिज्यिक) एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी की गई है। 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 993 रुपये की भारी वृद्धि के साथ 3,071.50 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
कीमतों में क्या-क्या बदलाव हुए?
- 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर: कीमत बढ़कर 3,071.50 रुपये प्रति सिलेंडर (993 रुपये की बढ़ोतरी)।
- 5 किलो का सिलेंडर: दाम 549 रुपये से बढ़कर 810.50 रुपये हो गए हैं (लगभग 261 रुपये की वृद्धि)।
- थोक डीजल: औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए थोक डीजल की कीमत 137 रुपये से बढ़ाकर 149 रुपये प्रति लीटर से अधिक कर दी गई है।
- विमान ईंधन (ATF): अंतर्राष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए एटीएफ की कीमत 76.55 डॉलर प्रति किलोलीटर (5.33 प्रतिशत) बढ़ाकर 1,511.86 डॉलर प्रति किलोलीटर कर दी गई है।
राहत की बात: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, पेट्रोल, डीजल (खुदरा) और घरेलू एलपीजी (14.2 किलोग्राम) की खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
राहुल गांधी ने सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर उन्होंने लिखा:
“कह दिया था- चुनाव के बाद महंगाई की गर्मी आएगी। आज कमर्शियल गैस सिलेंडर 993 रुपये महंगा। एक ही दिन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी। यह चुनावी बिल है। फरवरी से अब तक 1,380 रुपये की बढ़ोतरी, सिर्फ 3 महीनों में 81 फीसदी का इजाफा। चायवाला, ढाबा, होटल, बेकरी, हलवाई- हर किसी की रसोई पर बोझ बढ़ा और इसका असर आपकी थाली पर भी पड़ेगा। पहला वार गैस पर, अगला वार पेट्रोल-डीजल पर।”
वैश्विक बाजार का दबाव
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें इस सप्ताह 126 डॉलर प्रति बैरल के चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई थीं। हालांकि इसमें हल्की गिरावट देखी गई है, लेकिन यह अभी भी 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। सरकारी सूत्रों ने आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
