गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना में कबरीबाद कोयला खदान में पथराव, हंगामा और माहौल खराब करने के आरोप में एक यूट्यूबर समेत आठ नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। कार्यपालक दंडाधिकारी विनोद सिंह की शिकायत पर यह कार्रवाई मजदूर दिलीप दास की मौत के बाद हुए उपद्रव को लेकर की गई है।
कबरीबाद कोयला खदान हिंसा मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
गिरिडीह: जिला प्रशासन ने कबरीबाद कोयला खदान में हुए उपद्रव और पुलिस पर हमले के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। मुफ्फसिल थाना पुलिस ने घटना के दो दिन बाद जांच और वीडियो फुटेज के आधार पर आठ चिन्हित आरोपियों और करीब 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह मामला कार्यपालक दंडाधिकारी विनोद सिंह के आवेदन पर दर्ज किया गया है।
कोयला काटने के दौरान सुरक्षा प्रभारी के धारदार हथियार से घायल हुए मजदूर दिलीप दास की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया था। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई नामजद प्राथमिकी
पुलिस द्वारा दर्ज कांड संख्या 112/26 में कई गंभीर और गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं। नामजद आरोपियों में यूट्यूबर निशु मंडल के अलावा बबलू दास, डब्लू दास, टिंकू दास, प्रदीप दास, संजय मंडल, सौरभ कुमार और राकेश शामिल हैं। इन सभी पर भीड़ को उकसाने और शांति व्यवस्था भंग करने का आरोप है।
शव के साथ अमर्यादित व्यवहार का आरोप
कार्यपालक दंडाधिकारी ने अपने आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपियों ने मृतक दिलीप दास के शव को सदर अस्पताल से बिना पोस्टमार्टम कराए जबरन उठा लिया। इसके बाद वे शव को सीधे सीसीएल की कबरीबाद खदान ले गए। आरोप है कि इस दौरान भीड़ ने मृतक के पार्थिव शरीर के साथ अमर्यादित व्यवहार किया, जो बेहद आपत्तिजनक था।
पुलिस पर पथराव और अधिकारी घायल
भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, जब पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, तो यूट्यूबर और ‘जनता जागरूक संघ’ के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए माहौल खराब कर दिया। इसके बाद भीड़ की ओर से किए गए भारी पथराव में कई पुलिस पदाधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
