पश्चिम एशिया के तनाव के बीच भारत का एलपीजी जहाज ‘ग्रीन आशा’ होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित पार हुआ। जहाज पर लगभग 20,000 टन LPG था, जो घरेलू ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम है। यह आठवां भारतीय एलपीजी जहाज है जो चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित निकला।
भारत का एलपीजी जहाज ‘ग्रीन आशा’ सुरक्षित होर्मुज पार
संघर्ष के बीच सुरक्षित सफर
जानकारी के मुताबिक, ‘ग्रीन आशा’ ने रविवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया। यह जहाज ईरान के लारक, केशम और होर्मुज द्वीपों के बीच से गुजरा। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में शामिल है। इसके बावजूद जहाज का सुरक्षित पार होना भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
लगातार जारी है जहाजों की आवाजाही
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने की कोशिशें जारी रखी हैं। ‘ग्रीन आशा’ इस मार्ग से गुजरने वाला आठवां भारतीय एलपीजी जहाज है। इससे पहले ‘ग्रीन सांवरी’ जहाज ने करीब 46,650 मीट्रिक टन LPG लेकर सुरक्षित यात्रा पूरी की थी।
नौसेना और सरकार सतर्क
भारतीय नौसेना के युद्धपोत इलाके में तैनात हैं और जरूरत पड़ने पर व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा देने के लिए तैयार हैं। केंद्र सरकार भी ईरान और अन्य देशों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग मिले। विदेश मंत्रालय और जहाजरानी मंत्रालय समेत कई एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
खाड़ी में मौजूद अन्य भारतीय जहाज
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फारस की खाड़ी में अभी भी 18 भारतीय जहाज और लगभग 485 नाविक सक्रिय हैं। अब तक 964 से अधिक नाविकों को सुरक्षित भारत लाया जा चुका है। देश के प्रमुख बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य है और LPG आपूर्ति में कोई रुकावट नहीं आई है।
