नई दिल्ली: भारतीय नौसेना को एक और बड़ी ताकत मिल गई है। स्वदेशी तकनीक से निर्मित अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर सुइट से लैस स्टील्थ फ्रिगेट ‘महेंद्रगिरी’ (Mahendragiri) को नौसेना को सौंप दिया गया है। यह पोत प्रोजेक्ट 17A (नीलगिरी-क्लास) का छठा पोत है, जिसकी डिलीवरी 30 अप्रैल 2026 को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDSL), मुंबई में की गई।
मुख्य विशेषताएं (Key Features)
- श्रेणी: नीलगिरी-क्लास (Project 17A), यह इस सीरीज का छठा पोत है।
- डिजाइन: वॉरशिप डिज़ाइन ब्यूरो (WDB) द्वारा डिज़ाइन किया गया है।
- स्वदेशीकरण (Aatmanirbharta): इस परियोजना में 75% स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
- क्षमता: यह पोत एंटी-सरफेस, एंटी-एयर और एंटी-सबमरीन युद्ध प्रणालियों से सुसज्जित है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह फ्रिगेट नौसैनिक डिज़ाइन, स्टील्थ तकनीक, गोलाबारी और उत्तरजीविता (survivability) के मामले में एक बड़ा कदम है। पोत को एकीकृत निर्माण (integrated construction) के तहत तय समय में पूरा किया गया है।
रोजगार और आर्थिक प्रभाव
यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देश के एमएसएमई (MSME) सेक्टर और रोजगार के लिए वरदान साबित हो रही है:
- शामिल एमएसएमई: 200 से अधिक
- प्रत्यक्ष रोजगार: लगभग 4,000 कर्मियों के लिए
- अप्रत्यक्ष रोजगार: 10,000 से अधिक कर्मियों के लिए
