इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध 25 मार्च 2026 को 26वें दिन में प्रवेश कर गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित युद्धविराम को ईरान ने ठुकरा दिया है और लड़ाई जारी रखने की बात कही है।
26वें दिन भी जारी इजरायल-ईरान टकराव
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष 26वें दिन भी जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए युद्धविराम प्रस्ताव को ईरान की सेना ने खारिज कर दिया है और संघर्ष जारी रखने का संकेत दिया है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वाशिंगटन ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को युद्ध समाप्त करने के लिए 15 सूत्रीय योजना का प्रस्ताव भेजा था।
ट्रंप का 15 सूत्रीय प्रस्ताव
प्रस्ताव के तहत ईरान से कई शर्तें रखी गई थीं। इनमें परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करना, कभी परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता देना और यूरेनियम संवर्धन पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है।
इसके अलावा लगभग 450 किलोग्राम 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपने और नतांज, इस्फहान व फोर्डो स्थित परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने की बात कही गई है।
प्रस्ताव में IAEA को पूर्ण पहुंच देने, क्षेत्रीय प्रॉक्सी ऑपरेशन समाप्त करने और सहयोगी मिलिशिया समूहों को समर्थन बंद करने की भी शर्तें शामिल हैं।
मिसाइल और नौवहन पर भी शर्तें
प्रस्ताव में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करने और भविष्य में मिसाइलों का उपयोग केवल आत्मरक्षा तक सीमित रखने की बात कही गई है।
इसके साथ ही हार्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक नौवहन के लिए हमेशा खुला रखने की शर्त भी रखी गई है।
इजरायल में 24 घंटे में 200 से अधिक घायल
इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, लेबनान में ईरान और हिजबुल्लाह के साथ जारी संघर्ष के दौरान पिछले 24 घंटों में 204 घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
युद्ध की शुरुआत से अब तक 5,045 लोगों को अस्पतालों में भर्ती किया जा चुका है। इनमें से 120 लोग वर्तमान में अस्पताल में हैं, जिनमें 12 की हालत गंभीर बताई गई है।
गाजा में ड्रोन हमले में दो की मौत
सूत्रों के अनुसार, मध्य गाजा के नुसेरात शरणार्थी शिविर पर इजरायली ड्रोन हमले में दो फिलिस्तीनी मारे गए। इसे अक्टूबर में हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन बताया जा रहा है।
वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर और तेल भंडार जारी किए जा सकते हैं। इससे पहले इस महीने 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने की घोषणा की गई थी, जो अब तक की सबसे बड़ी निकासी है।
IEA के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा कि दुनिया गंभीर ऊर्जा सुरक्षा खतरे का सामना कर रही है। उन्होंने बताया कि संगठन के पास अभी भी 80 प्रतिशत भंडार उपलब्ध है।
हार्मुज जलडमरूमध्य के आंशिक रूप से बंद होने के कारण ऊर्जा कीमतों में तेजी आई है और लंबे समय तक आपूर्ति संकट की आशंका जताई जा रही है।
