बिहार के जमुई जिले में निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिपिक (क्लर्क) रूपेश कुमार को 37 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क एक एएनएम का बकाया 4 महीने का वेतन जारी करने के एवज में एक महीने की तनख्वाह की मांग कर रहा था।
जमुई में विजिलेंस का छापा: रिश्वतखोर क्लर्क निगरानी विभाग के हत्थे चढ़ा
जमुई: बिहार के जमुई जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी खबर सामने आई है। सोनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत लिपिक रूपेश कुमार को निगरानी विभाग (विजिलेंस) की टीम ने शुक्रवार को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की बढ़ती शिकायतों के बीच एक बड़ा संदेश है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चरैया स्थित हेल्थ एंड वेल्थ सेंटर में कार्यरत एएनएम राजनंदनी ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी बहादुरी और निगरानी विभाग की सतर्कता से आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया।
वेतन भुगतान के नाम पर मांगा एक महीने का कमीशन
जानकारी के अनुसार, एएनएम राजनंदनी का कुल 11 महीने का वेतन बकाया था। विभाग द्वारा 7 महीने के वेतन का भुगतान कर दिया गया था, लेकिन शेष 4 महीने का वेतन अटका हुआ था। लिपिक रूपेश कुमार इस बकाया राशि को जारी करने के बदले में एक महीने के वेतन के बराबर यानी 37 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप, कानूनी कार्रवाई जारी
निगरानी विभाग पटना के पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार ने इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि की है। क्लर्क की गिरफ्तारी के बाद सोनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित पूरे जिला स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। फिलहाल, विजिलेंस की टीम आरोपी रूपेश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
