रांची: झारखंड में ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की भारी किल्लत ने अब आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कमर तोड़नी शुरू कर दी है। राज्य के कई हिस्सों में डीजल की पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण 108 एंबुलेंस सेवा किसी भी समय पूरी तरह ठप हो सकती है। इससे आने वाले दिनों में मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं।
सम्मान फाउंडेशन ने जताई चिंता झारखंड में 108 एंबुलेंस का संचालन करने वाली संस्था ‘सम्मान फाउंडेशन’ ने स्थिति की गंभीरता पर आधिकारिक बयान जारी किया है। फाउंडेशन के अनुसार, राज्य के कई जिलों में एंबुलेंस को जरूरत के मुताबिक डीजल नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में राज्य सरकार को भी अवगत कराते हुए शिकायत दर्ज कराई गई है। फाउंडेशन ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों तक हालात सामान्य नहीं हुए, तो सेवाओं को बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
इन जिलों में हालात सबसे खराब डीजल की कमी का सबसे ज्यादा असर राजधानी रांची, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) और बोकारो जैसे प्रमुख जिलों में देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस के टैंक को रात में फुल कराया जाता है, लेकिन निरंतर संचालन के कारण वह जल्द ही खाली हो रहे हैं और रीफिलिंग के लिए पंपों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध नहीं है।
मरीजों पर सीधा असर आपातकालीन सेवाओं के बाधित होने का सीधा असर गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ेगा, जो पूरी तरह सरकारी एंबुलेंस सेवा पर निर्भर हैं। यदि जल्द ही ईंधन की आपूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बड़े संकट में फंस सकती है।
