गिरिडीह (झारखंड): गिरिडीह के चर्चित दिलीप दास हत्याकांड का मामला अब एक नए विवाद में बदलता नजर आ रहा है। कोयला खदान मजदूर दिलीप दास की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए स्थानीय यूट्यूबर मिशु मंडल के समर्थन में शनिवार को भारी जनसैलाब सड़क पर उतर आया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कई प्रमुख चौराहों पर पुतला दहन किया।
भीड़ भड़काने के आरोप में जेल में बंद हैं यूट्यूबर
पुलिस जांच के दौरान गिरिडीह के यूट्यूबर मिशु मंडल को बीते दिनों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस का आरोप है कि मिशु मंडल ने दिलीप दास मामले को लेकर भीड़ को उकसाया, भड़काऊ स्थिति पैदा की और सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की। मिशु मंडल का संबंध प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दिलीप दास केस से जोड़ा जा रहा है।
JLKM और जनता जागरूकता संघ का मिला साथ
यूट्यूबर की गिरफ्तारी के विरोध में ‘जनता जागरूकता संघ’ के बैनर तले एक विशाल विरोध प्रदर्शन निकाला गया। इस आंदोलन को जयराम महतो की पार्टी JLKM (झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा) का भी खुला समर्थन मिला।
- महिलाओं की भारी भागीदारी: प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा हाथों में तख्तियां लेकर शामिल हुए, जिनकी एक ही मांग थी— “मिशु मंडल को तुरंत रिहा किया जाए।”
- नेता भी उतरे सड़क पर: JLKM के नेता नागेंद्र चंद्रवंशी भी प्रदर्शनकारियों के कंधे से कंधा मिलाकर सड़क पर उतरे और पुलिसिया कार्रवाई का विरोध किया।
पुलिस ने की समझाने की कोशिश, टावर चौक पर फूंका पुतला
आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर थाना प्रभारी रतन सिंह ने शहर के कई मोर्चों पर युवाओं को समझाने और प्रदर्शन रोकने का प्रयास किया। इसके बावजूद, प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने शहर के व्यस्ततम टावर चौक और काली बाड़ी सहित कई प्रमुख स्थानों पर पुलिस प्रशासन का पुतला दहन किया। इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है।
