झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पुलिसकर्मियों की लंबित मांगों और प्रशासनिक समस्याओं के त्वरित समाधान की गुहार लगाई है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जिस तरह उन्होंने अपने पारिवारिक जीवन में एक आदर्श प्रस्तुत किया है, उसी प्रकार राज्य के पुलिसकर्मियों व कर्मचारियों के अभिभावक की भूमिका निभाते हुए उनकी सभी जायज समस्याओं का समाधान करें।
भावुक पोस्ट के जरिए ध्यान आकृष्ट पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव सह कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की है। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पारिवारिक जीवन, माता-पिता के प्रति समर्पण और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन की सामाजिक व कर्तव्यनिष्ठ भूमिका का उल्लेख करते हुए पुलिसकर्मियों की परेशानियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। संगठन ने इसी मानवीय और नैतिक दृष्टिकोण के आधार पर पुलिसकर्मियों के हितों में कदम उठाने की मांग की है।
डीजीपी की मंजूरी के बाद भी फाइलें अटकाने का आरोप एसोसिएशन ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण फाइलें डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) की स्पष्ट स्वीकृति मिलने के बावजूद निचले स्तर पर रोकी जा रही हैं।
संगठन के मुताबिक, संबंधित अधिकारी फाइलों को यह कहकर आगे बढ़ाने से बच रहे हैं कि अभी तक ‘मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ)’ से मंजूरी नहीं मिली है। एसोसिएशन का कहना है कि निचले स्तर के कर्मचारियों की सीधी पहुंच सीएमओ तक नहीं होने के कारण वे अपनी बात सीधे नहीं रख पाते, और सीएमओ के नाम पर भ्रम फैलाकर उनकी फाइलों को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है, जिससे कर्मियों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
भत्ते, पदोन्नति और पदस्थापन से जुड़े हैं मामले पुलिस एसोसिएशन के अनुसार, जिन फाइलों को रोका गया है उनमें मुख्य रूप से पुलिसकर्मियों व अधिकारियों के भत्ते, पदोन्नति (प्रमोशन), पदस्थापन (पोस्टिंग) और अन्य प्रशासनिक एवं सेवा से जुड़े विषय शामिल हैं। संगठन ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री इस मामले का संज्ञान लेंगे और पुलिस परिवार को राहत पहुँचाएंगे।
