रामगढ़ (झारखंड): झारखंड के रामगढ़ जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां दामोदर नदी में नहाने गए तीन स्कूली बच्चे पानी के तेज बहाव में बह गए। स्थानीय लोगों की तत्परता और सूझबूझ से एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन दो बच्चे अब भी लापता हैं। प्रशासन लापता बच्चों की तलाश में युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है।
फुटबॉल खेलने का बहाना बनाकर निकले थे बच्चे
जानकारी के अनुसार, रामगढ़ के बिजोलिया और कृष्ण नगर के रहने वाले तीन स्कूली बच्चे रविवार सुबह अपने घर से फुटबॉल खेलने की बात कहकर निकले थे। परिजनों को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि बच्चे नदी की तरफ जा रहे हैं। तीनों दोस्त बिना बताए दामोदर नदी में नहाने के लिए उतर गए। इसी दौरान नदी की तेज धार और पानी गहरा होने के कारण तीनों गहरे पानी में समाने लगे और शोर मचाने लगे।
स्थानीय लोगों ने बचाई एक मासूम की जान
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर नदी किनारे काम कर रहे मजदूरों और स्थानीय ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए नदी में छलांग लगा दी। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आयुष तिवारी नाम के एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण दो अन्य बच्चे — प्रिंस कुमार और वैभव कुमार — नदी की तेज धारा में बह गए, जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है।
रेस्क्यू के लिए बंद कराया गया पतरातू डैम का फाटक
घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और नदी तट पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मांडू सीओ तृप्ति विजया कुजूर और ओपी प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे।
बड़ी कार्रवाई: नदी में सर्च ऑपरेशन को आसान बनाने और पानी के बहाव को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पतरातू डैम का फाटक बंद करवा दिया है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, सर्च ऑपरेशन जारी
लापता प्रिंस कुमार के दादा पलटू सोनकर ने रोते हुए बताया कि बच्चे सुबह घर से फुटबॉल खेलने की बात कहकर निकले थे, और कुछ ही देर बाद इस भयानक हादसे की खबर आ गई। हादसे के बाद से दोनों लापता बच्चों के घरों और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय गोताखोरों और पुलिस की मदद से नदी में सघन खोज अभियान चलाया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक बच्चों की बरामदगी के लिए प्रयास जारी थे।
