नई दिल्ली में कांग्रेस ने गुरुवार को महिला आरक्षण और परिसीमन मुद्दे पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। पार्टी ने कहा कि महिला आरक्षण को बिना देरी लागू किया जाए, जबकि परिसीमन पर सभी पक्षों की सहमति और व्यापक चर्चा जरूरी है।
नई दिल्ली में महिला आरक्षण और परिसीमन पर कांग्रेस का रुख
नई दिल्ली में कांग्रेस ने संसद में पेश महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट किया है। पार्टी ने केंद्र सरकार से महिला आरक्षण को बिना देरी लागू करने की मांग की है।
महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस की मांग
प्रदेश कांग्रेस महासचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला सशक्तिकरण की समर्थक रही है। पार्टी का कहना है कि महिला आरक्षण को किसी राजनीतिक घोषणा या चुनावी रणनीति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है तो इसे बिना किसी शर्त और देरी के लागू किया जाना चाहिए।
परिसीमन मुद्दे पर कांग्रेस की आपत्ति
कांग्रेस ने परिसीमन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि इसे जिस तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, उससे संघीय ढांचे पर असर पड़ सकता है और राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन प्रभावित हो सकता है।
पार्टी ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में संवाद और सहमति जरूरी है, लेकिन सरकार इस दिशा में पर्याप्त चर्चा नहीं कर रही है।
सरकार की प्रक्रिया पर कांग्रेस का सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण विधेयकों को जल्दबाजी में ला रही है और संवैधानिक प्रक्रिया की अनदेखी कर रही है। पार्टी का कहना है कि ऐसे कदम लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर सकते हैं।
कांग्रेस की अंतिम मांग
कांग्रेस ने कहा कि वह महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन इसे तुरंत और स्वतंत्र रूप से लागू किया जाना चाहिए। साथ ही परिसीमन पर सभी दलों और राज्यों के साथ व्यापक चर्चा कर सहमति बनाने की जरूरत है।
