गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले से एक बड़ी और दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। गांडेय थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव में वन भूमि पर चल रहे अवैध आरा मिलों को ध्वस्त करने पहुंची वन विभाग की टीम पर लकड़ी माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक पथराव में फॉरेस्टर रोहित समेत दो वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हालांकि, भारी विरोध और बवाल के बावजूद प्रशासन के ‘पीले पंजे’ ने दोनों अवैध मिलों को जमींदोज कर दिया।
गुप्त सूचना पर हुई थी बड़ी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, डीएफओ (DFO) मनीष तिवारी को लखनपुर गांव में बड़े पैमाने पर अवैध आरा मिल संचालित होने की पुख्ता जानकारी मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर सदर रेंजर एस.के. रवि और गांवा रेंजर के नेतृत्व में वन विभाग की एक संयुक्त टीम ने गांव में धावा बोला। टीम ने जैसे ही इम्तियाज अंसारी और सुभान अंसारी के अवैध आरा मिल परिसरों में घुसकर बुलडोजर से तोड़ने की कार्रवाई शुरू की, वैसे ही वहां हड़कंप मच गया।
बुलडोजर चलते ही माफियाओं ने बोला धावा
अवैध साम्राज्य को उजड़ता देख मिल संचालक इम्तियाज अंसारी बौखला गया। उसने अपने दर्जन भर गुर्गों के साथ मिलकर वन विभाग की टीम को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जब तक टीम संभल पाती, तब तक पत्थरों की चपेट में आने से फॉरेस्टर रोहित और एक अन्य कर्मी चोटिल हो गए।
एक्शन में आई पुलिस: > घटना की खबर मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए पथराव कर रहे माफियाओं और उनके गुर्गों को दौड़ा-दौड़ा कर खदेड़ा। पुलिस का सख्त रुख देख मुख्य आरोपी इम्तियाज और उसके साथी मौके से फरार हो गए। इसके बाद भारी सुरक्षा घेरे में दोनों मिलों को पूरी तरह मलबे में तब्दील कर दिया गया।
सरकारी काम में बाधा और हमले की FIR दर्ज
इस दुस्साहस के बाद वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सदर रेंजर एस.के. रवि ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, वन भूमि पर अवैध कब्जा करने और सरकारी सेवकों पर जानलेवा हमला करने के आरोप में इम्तियाज अंसारी, सुभान अंसारी और उनके गुर्गों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जा रही है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
