प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एशियाई खेलों (आइची-नागोया) में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की। इस दौरान खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री को अपनी हस्ताक्षर वाली विशेष जर्सी भी भेंट की।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “इतने सारे पदकवीरों से एक साथ मिलना मामूली बात नहीं है। आप सभी युवा एथलीट इस बात का उदाहरण हैं कि जब जुनून जीत में बदलता है, तो वह पदक के साथ-साथ चेहरे पर एक अलग चमक भी लेकर आता है। यह सफलता अकेले आपकी नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों की है।”
महिला हॉकी टीम के 44 साल के इंतजार का किया जिक्र प्रधानमंत्री ने भारतीय महिला हॉकी टीम की विशेष तौर पर प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया है। इसके अलावा पुरुष व महिला हॉकी और क्रिकेट टीमों के शानदार प्रदर्शन का भी जिक्र किया गया।
सफलता के पीछे वर्षों का परिश्रम और देश का समर्थन खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि संकल्प और सपने एक दिन में पूरे नहीं होते, बल्कि इसके लिए वर्षों का धैर्य और निरंतर परिश्रम अनिवार्य होता है। देश में आज जो सकारात्मक बदलाव आया है, वह इसी भावना का परिणाम है। पिछले 10-12 वर्षों में देश ने खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए लगन से प्रयास किए हैं। आज हर खिलाड़ी को यह भरोसा रहता है कि उनके इस सफर में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
गौरतलब है कि भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 21 स्वर्ण समेत कुल 85 पदक हासिल किए थे और पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया था।
