राजधानी रांची में आपातकालीन चिकित्सा सेवा को और अधिक प्रभावी और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ की विशेष पहल पर शहर को 8 ‘नमो जीवन रक्षक’ बाइक एम्बुलेंस की नई सौगात मिली है। सदर अस्पताल रांची में आयोजित एक विशेष समारोह में इनका लोकार्पण किया गया, जिनमें से 7 बाइक एम्बुलेंस सदर अस्पताल और 1 सेवा सदन को सौंपी जाएगी।
इस अवसर पर रांची की महापौर रोशनी खलखो, सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र कुमार, पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू और उपमहापौर नीरज कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
संकरी गलियों और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचेगी मदद सांसद संजय सेठ ने कहा कि आपातकाल के समय हर एक पल कीमती होता है। रांची की संकरी गलियों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और दूरदराज के दुर्गम क्षेत्रों में पारंपरिक चार पहिया एम्बुलेंस के पहुंचने में अक्सर कठिनाई होती है, जिससे समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए इन आधुनिक बाइक एम्बुलेंस को सेवा में समर्पित किया गया है ताकि जरूरत के वक्त किसी भी नागरिक को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।
DRDO की स्वदेशी तकनीक से लैस है ‘रक्षित’ ये सभी बाइक एम्बुलेंस रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित और पेटेंट प्राप्त स्वदेशी तकनीक पर आधारित हैं। इसकी खास ‘पेशेंट-ऑन-बाइक’ (Patient-on-Bike) व्यवस्था के तहत इन्हें डिजाइन किया गया है, ताकि आपात स्थिति में मरीज को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाया जा सके।
इन बाइक एम्बुलेंस में मल्टी-पैरामीटर पेशेंट मॉनिटर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी हैं, जिसके जरिए मरीज के SpO₂, हृदय गति (Heart Rate), तापमान और ईसीजी की त्वरित निगरानी की जा सकती है। औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ये एम्बुलेंस आम जनता की सेवा के लिए पूरी तरह से सड़कों पर उपलब्ध होंगी।
