रांची नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की। निगम ने पहली बार संपत्ति कर संग्रह 101.99 करोड़ रुपये पार किया, डिजिटल और डोर-टू-डोर अभियान के जरिए शहर के राजस्व में नई ऊंचाई हासिल की।
रांची नगर निगम ने संपत्ति कर संग्रह में तोड़ा रिकॉर्ड
रांची: रांची नगर निगम (RMC) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रहण में नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस वर्ष निगम ने 101.99 करोड़ रुपये का संपत्ति कर संग्रह कर पहली बार 100 करोड़ का आंकड़ा पार किया।
मिशन मोड के तहत अभियान
नगर आयुक्त सुशांत गौरव के नेतृत्व में पिछले छह महीनों से विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के मुख्य उपायों में शामिल थे:
- डोर-टू-डोर सर्वे: करदाता आधार बढ़ाने के लिए छूटे हुए होल्डिंग्स की पहचान की गई।
- डिजिटल क्रांति: 23 करोड़ रुपये का कर ऑनलाइन माध्यम से संग्रहित किया गया। प्रत्येक संपत्ति को यूनिक होल्डिंग नंबर दिया गया।
- सख्त मॉनिटरिंग: वार्ड स्तर पर लक्ष्य तय किए गए और बड़े बकायेदारों के खिलाफ नोटिस और दंडात्मक कार्रवाई की गई।
पांच साल में राजस्व वृद्धि
पिछले पांच वर्षों में RMC के राजस्व में निरंतर वृद्धि देखी गई। वर्ष 2020-21 में संग्रह 51.36 करोड़ था, जबकि 2024-25 में यह बढ़कर 83.57 करोड़ हो गया। 31 मार्च 2026 को ही 1.59 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड सिंगल डे कलेक्शन हुआ। संपत्तियों की संख्या 1 लाख से बढ़कर अब 2.5 लाख से अधिक हो गई है।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने इस सफलता का श्रेय टीम और जागरूक नागरिकों को दिया। उन्होंने कहा कि GIS मैपिंग के जरिए कर प्रणाली को और पारदर्शी बनाया जाएगा। राजस्व का उपयोग शहर की सफाई, जलापूर्ति, सड़कों और प्रकाश व्यवस्था सुधारने में किया जाएगा।
मिसाल बना रांची मॉडल
रांची नगर निगम का यह मॉडल अन्य नगर निकायों के लिए उदाहरण बन गया है कि कैसे प्रशासनिक इच्छाशक्ति और तकनीकी नवाचार के माध्यम से वित्तीय सुदृढ़ीकरण संभव है।
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रांची नगर निगम कार्यालय में संपत्ति कर संग्रह का रिकॉर्ड 100 करोड़ रुपये पार करने का दृश्य
