रांची: राजधानी के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने एक संयुक्त कार्रवाई में इस हमले से जुड़े तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। इस हमले की पूरी स्क्रिप्ट विदेश (दुबई) में लिखी गई थी और उसे रांची में एग्जीक्यूट किया गया था।
दुबई कनेक्शन और देश विरोधी नेटवर्क का खुलासा
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों में से एक पहले दुबई में काम करता था। दुबई में रहने के दौरान ही वह देश विरोधी गतिविधियों में शामिल कुछ संदिग्धों के संपर्क में आया था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कुबूल किया है कि वहां उसकी मुलाकात राना हुसैन उर्फ राना जी और शाहबाज आलम उर्फ भट्टी नाम के व्यक्तियों से हुई थी। जांचकर्ताओं का दावा है कि इन दोनों ने ही आरोपी का ब्रेनवॉश किया, उसे कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित किया और रांची लौटकर RSS कार्यालय को निशाना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी।
विदेशी फंडिंग और सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां इस साजिश के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि:
- इस हमले के लिए आरोपियों को कोई विदेशी फंडिंग तो नहीं मिली थी?
- क्या इस नेटवर्क के तार देश के अन्य हिस्सों या अन्य असामाजिक तत्वों से भी जुड़े हैं?
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय और राज्य स्तर की खुफिया एजेंसियां पकड़े गए आरोपियों से लगातार सघन पूछताछ कर रही हैं, ताकि इस पूरी साजिश के पीछे छिपे आकाओं तक पहुंचा जा सके।
