रांची: रांची समाहरणालय स्थित SDO कार्यालय (कमरा नंबर 201) में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब अनुमंडल कार्यालय में कार्यरत एक सरकारी कर्मचारी ने कुछ अधिवक्ताओं पर मारपीट और गंभीर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। पीड़ित कर्मचारी ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कागजात मांगने पर शुरू हुआ विवाद
अनुमंडल कार्यालय सदर में जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) विभाग का काम देखने वाले कर्मचारी महेंद्र कुमार दास ने बताया कि विवाद की शुरुआत 1 मई को हुई थी। उनके मुताबिक, मोनालिसा नाम की एक महिला अधिवक्ता कार्यालय में किसी काम से आई थीं। जब महेंद्र कुमार ने आवेदन से जुड़े जरूरी मूल दस्तावेज (Original Documents) मांगे, तो वह भड़क गईं। आरोप है कि इसी बात को लेकर अधिवक्ता ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की।
अगले दिन फिर पहुंचे कई अधिवक्ता, दी धमकी
आवेदन में किए गए दावों के अनुसार, यह विवाद यहीं नहीं थमा। अगले दिन यानी 2 मई को करीब दोपहर 12:30 बजे उक्त महिला अधिवक्ता 5-6 अन्य वकीलों के साथ दोबारा कार्यालय में धमक आईं। आरोप है कि इन लोगों ने कार्यालय में गाली-गलौज की, सरकारी काम में बाधा डाली और मारपीट की कोशिश की।
CCTV में कैद है पूरी घटना
पीड़ित कर्मचारी महेंद्र कुमार दास ने बताया कि वह अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से आते हैं और आरोपियों ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक व जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने SDO को दिए आवेदन में मोनालिसा, राजेश समेत अन्य अधिवक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारी का दावा है कि इस पूरी घटना की रिकॉर्डिंग कार्यालय के CCTV कैमरों और मोबाइल में सुरक्षित है।
इस घटना के बाद से समाहरणालय के अन्य सरकारी कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस पूरे मामले पर आरोपी अधिवक्ताओं या उनके संगठन की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
