रांची: झारखंड के कई जिलों में लूट और चोरी की बड़ी आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। इनमें दिनदहाड़े डकैती, एटीएम में तोड़फोड़ और बैंक शाखाओं में चोरी की नाकाम कोशिशें शामिल हैं। राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति की रिपोर्ट के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि अपराधी अब शहरी इलाकों के बजाय ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थित बैंक शाखाओं को निशाना बना रहे हैं। ये तथ्य राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति (SLSC) की 18वीं बैठक के लिए तैयार दस्तावेज में दर्ज हैं।
देवघर के मधुपुर में एचडीएफसी बैंक में बड़ी डकैती
देवघर जिले के मधुपुर में 25 सितंबर 2025 को एचडीएफसी बैंक शाखा में दिनदहाड़े बड़ी डकैती हुई। हथियारबंद बदमाशों ने बैंक में घुसकर बंदूक के बल पर स्थिति पर कब्जा कर लिया। उन्होंने बैंक कर्मियों और ग्राहकों के साथ मारपीट की, मोबाइल फोन छीने और 1.64 करोड़ रुपये नकद लूट लिए। इसके अलावा, गोल्ड लोन के तहत गिरवी रखे गए 2200 ग्राम सोने के बराबर 41 लोन पैकेट भी ले गए।
रांची में एक्सिस बैंक एटीएम में तोड़फोड़ की नाकाम कोशिश
5 जून को रांची के पंडरा स्थित एक्सिस बैंक शाखा के एटीएम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन अपराधी असफल रहे। रात करीब 12:40 बजे सेंट्रल कमांड सेंटर को एटीएम लॉबी से आग लगने का अलर्ट मिला। जांच में पता चला कि एक बदमाश ने एटीएम के चेस्ट तक पहुंचने की कोशिश की और लॉबी कैमरे पर काला पेंट स्प्रे कर उसे निष्क्रिय करने का प्रयास किया। पेंट स्प्रे होते ही साउंड अलार्म बज उठा, जिससे वह मौके से फरार हो गया। बैंक के अनुसार, किसी तरह का वित्तीय नुकसान नहीं हुआ और एटीएम सुरक्षित रहा। मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
पाकुड़ में बंधन बैंक में चोरी का प्रयास
पाकुड़ जिले के महेशपुर स्थित बंधन बैंक शाखा में 11 जुलाई 2025 को चोरी की कोशिश हुई। बैंक बंद होने के बाद एक अज्ञात बदमाश वेंटिलेशन फैन तोड़कर अंदर घुसा और वॉल्ट से नकदी चुराने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सका।
गिरिडीह में बंधन बैंक भी निशाने पर
गिरिडीह के डुमरी में 7 अक्टूबर 2025 की रात बंधन बैंक शाखा में चोरी की कोशिश नाकाम रही। अज्ञात बदमाशों ने कोलैप्सिबल गेट, शटर और वॉल्ट रूम का ताला तोड़कर प्रवेश किया, लेकिन नकदी नहीं ले जा सके। हालांकि, पहचान छुपाने के उद्देश्य से सीसीटीवी डीवीआर चुरा लिया गया।
ग्रामीण बैंक शाखाएं अधिक असुरक्षित
रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया है कि लूट, चोरी और डकैती की घटनाएं शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में अधिक हो रही हैं। यह रुझान दर्शाता है कि ग्रामीण बैंक शाखाओं की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल सुदृढ़ करने की जरूरत है, क्योंकि अपराधी इन्हें आसान लक्ष्य मान रहे हैं।
