जमशेदपुर/लुधियाना : टाटा स्टील ने हरित और आधुनिक इस्पात उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लुधियाना में स्क्रैप-आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) संयंत्र का संचालन शुरू कर दिया है। यह संयंत्र अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जो उत्पादन प्रक्रिया को अधिक कुशल और पर्यावरण के अनुकूल बनाता है।
करीब 3,200 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार इस प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 0.75 मिलियन टन है। कंपनी का कहना है कि इस नई तकनीक के जरिए उत्पादन में दक्षता बढ़ेगी और पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होगा।
इस परियोजना की खास बात यह है कि इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि प्रति टन स्टील उत्पादन पर कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का उत्सर्जन 0.3 टन से भी कम रहेगा। यह पहल कंपनी के 2045 तक नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
संयंत्र का उद्घाटन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और टाटा स्टील के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक टी. वी. नरेंद्रन की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी और कई सरकारी प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
यह प्लांट पूरी तरह स्क्रैप-आधारित है, जिसमें 100 प्रतिशत स्क्रैप का उपयोग कच्चे माल के रूप में किया जाएगा। साथ ही लगभग 50 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतें नवीकरणीय स्रोतों से पूरी की जाएंगी। इससे संसाधनों की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
यहां उत्पादित स्टील का उपयोग मुख्य रूप से निर्माण कार्यों में किया जाएगा। खासकर टाटा स्टील के लोकप्रिय ब्रांड ‘टाटा टिस्कॉन’ के तहत बेहतर गुणवत्ता वाले सरियों का उत्पादन किया जाएगा, जिससे बाजार में कंपनी की स्थिति और मजबूत होगी।
इसके अलावा, यह परियोजना स्थानीय विकास में भी योगदान देगी। संयंत्र के आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समुदायों को लाभ पहुंचाया जाएगा।
