रांची, झारखंड: रिम्स (RIMS) प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मास्टर ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन (MHA) की छात्रा ओली विश्वकर्मा का नामांकन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई उनके द्वारा नामांकन के समय प्रस्तुत किए गए जाति प्रमाण पत्र के फर्जी पाए जाने के बाद की गई है।
प्रमुख बिंदु:
- नामांकन रद्द: फर्जी दस्तावेजों (जाति प्रमाण पत्र) के आधार पर प्रवेश लेने की पुष्टि होने के बाद संस्थान ने यह सख्त कदम उठाया है।
- विशेष जांच समिति की रिपोर्ट: रामगढ़ के उपायुक्त (DC) द्वारा गठित एक विशेष जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि ओली विश्वकर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया अनुसूचित जनजाति (ST) का प्रमाण पत्र अवैध था और इसे आरक्षण का लाभ उठाने के लिए गलत तरीके से बनवाया गया था।
- अन्य विवाद: ओली विश्वकर्मा का नाम हाल ही में रिम्स डेंटल कॉलेज की एक छात्रा के साथ हुए मामले में भी सामने आया था, जिससे यह प्रकरण और अधिक संवेदनशील हो गया था।
- प्रशासनिक संदेश: रिम्स प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि संस्थान में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, अनियमितता और नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
