शाजापुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से एक बेहद ह्रदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे-52 पर शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे इंदौर से ग्वालियर जा रही एक इंटरसिटी एक्सप्रेस बस में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयावह हादसे में शिवपुरी के रहने वाले एक 4 साल के मासूम बच्चे की जिंदा जलकर मौत हो गई। आग बुझने के बाद बस के मलबे से बच्चे का कंकाल बरामद हुआ है, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
होटल पर रुकी थी बस, देखते ही देखते बनी आग का गोला
जानकारी के मुताबिक, हादसे के वक्त बस में करीब 50 यात्री सवार थे। देर रात करीब 12 बजे बस हाईवे पर स्थित ‘होटल जैन पथ’ पर चाय-नाश्ते के लिए रुकी थी। इस दौरान कुछ यात्री बस से नीचे उतरे थे, जबकि कई लोग अंदर ही बैठे हुए थे। इसी बीच अचानक बस के बोनट से तेज धुआं निकलने लगा और चंद मिनटों में ही पूरी बस आग की ऊंची लपटों से घिर गई।
यात्रियों ने की थी शिकायत, पर ड्राइवर ने फेरा मुंह
बस में सवार यात्रियों ने बताया कि आग लगने से कुछ देर पहले ही उन्हें बिजली के तारों (वायर) के जलने की तेज बदबू आ रही थी। इसकी शिकायत बस के ड्राइवर से भी की गई थी, लेकिन उसने यात्रियों की बात को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। इसी लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि शॉर्ट सर्किट ने विकराल रूप ले लिया और एक मासूम की जान चली गई।
“मेरा भविष्य जल गया…” – रो पड़े लाचार पिता
मृतक मासूम की पहचान शिवपुरी निवासी अनय जैन के रूप में हुई है। हादसे के बाद अनय के पिता अभिषेक जैन का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बिलखते हुए कहा, “मेरा भविष्य जल गया, मेरा बच्चा चला गया।”
पीड़ित पिता ने बस स्टाफ और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आग लगते ही ड्राइवर और कंडक्टर यात्रियों को भगवान भरोसे छोड़कर मौके से भाग खड़े हुए। उन्होंने खुद फायर ब्रिगेड को फोन किया, लेकिन दमकल की गाड़ी करीब आधे घंटे की देरी से पहुंची और शुरुआती वाहन में पानी तक नहीं था। उन्होंने नम आंखों से अपील की कि दोषियों पर ऐसी कार्रवाई हो ताकि किसी और मां-बाप का बच्चा इस लापरवाही की भेंट न चढ़े।
