रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में शिक्षा और महिला-बाल विकास व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। राजधानी रांची के धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। सीएम ने कुल 316 नव नियुक्त इंटर व स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों और 17 महिला पर्यवेक्षिकाओं (लेडी सुपरवाइजर) के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण किया।
यह सिर्फ नौकरी नहीं, राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह महज एक नौकरी नहीं है, बल्कि समाज और राज्य को बदलने की एक बड़ी जिम्मेदारी है।
“शिक्षक हमारे राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं और बच्चों तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का जरिया बनती हैं। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग का है, जो किन्हीं कारणों से विकास की दौड़ में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मियों को अब गांव-गांव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में काम करना होगा।” — हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री (झारखंड)
पारदर्शी रोजगार और सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य सरकार युवाओं को पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और महिला-बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य इन नवनियुक्त कर्मियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाना है ताकि वे बदलते परिवेश के साथ आगे बढ़ सकें।
