भोजपुर: असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना (IAF) का AN-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से बिहार के भोजपुर जिले में मातम पसर गया है। इस दर्दनाक हादसे में कोईलवर प्रखंड के कायमनगर गांव के रहने वाले 22 वर्षीय वायु अग्निवीर दानिश आलम शहीद हो गए हैं। दानिश अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। इस विमान हादसे में दानिश के साथ वायुसेना के चार अन्य जवानों ने भी वीरगति प्राप्त की है।
15 दिन पहले ही घर से गए थे वापस
परिजनों ने रोते हुए बताया कि दानिश अभी बीते 23 मई को ही छुट्टी पर घर आए थे। परिवार के साथ कुछ दिन बिताने के बाद वह 30 मई को वापस असम के जोरहाट अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। किसे पता था कि चंद दिनों बाद ही उनकी शहादत की खबर घर आएगी। दानिश की शहादत की खबर मिलते ही माता-पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
माता-पिता का सहारा और घर का इकलौता चिराग बुझा
दानिश आलम कायमनगर निवासी मोहम्मद फारूक आलम के इकलौते पुत्र थे। दानिश की दो बड़ी बहनें (शगुफ्ता परवीन और गजाला परवीन) हैं। पिता फारूक आलम एचपीसीएल गीधा में एक साधारण ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं।
- उम्मीदों पर पानी फिरा: घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। बेटे की सेना में नौकरी लगने के बाद पूरे परिवार को उम्मीद थी कि अब घर के दिन बहुरेंगे, लेकिन इस हादसे ने माता-पिता के बुढ़ापे का एकमात्र सहारा छीन लिया।
अक्टूबर 2025 में बने थे ‘अग्निवीर’
दानिश के करियर और सफर पर एक नजर:
- 29 जून 2025: एयर फोर्स स्टेशन बिहटा में जॉइनिंग की।
- 03 जुलाई 2025: ट्रेनिंग के लिए बेलगांव (कर्नाटक) गए।
- अक्टूबर 2025: वायु अग्निवीर के रूप में भारतीय वायुसेना का हिस्सा बने।
- पहली पोस्टिंग: ट्रेनिंग पूरी होने के बाद असम के जोरहाट में पहली तैनाती मिली थी।
“पूरे गांव को दानिश की शहादत पर गर्व है, लेकिन इकलौते बेटे को खोने का गम शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। पूरा कायमनगर गांव पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटा है।”
