नई दिल्ली: राम मंदिर को दान में मिली चांदी की ईंटों (सिल्वर ब्रिक्स) के गायब होने की अफवाहों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि दान में आई चांदी की एक-एक ईंट का पूरा और सटीक रिकॉर्ड श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास सुरक्षित है।
बैंक लॉकर में पिघलाकर रखी गई हैं ईंटें
एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर चांदी की ईंटें लापता होने के जो आरोप लगाए जा रहे थे, वे पूरी तरह बेबुनियाद और फर्जी साबित हुए हैं। ट्रस्ट ने पारदर्शिता बरतते हुए अपनी तय प्रक्रिया के तहत सिंधी समाज द्वारा दान की गई करीब 200 किलो चांदी समेत सभी चांदी की ईंटों को पिघलाकर (मेल्ट करके) बैंक के लॉकर में पूरी तरह सुरक्षित रखवा दिया है।
ट्रस्ट के बहीखाते में दर्ज है एक-एक ग्राम का हिसाब
एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के आधिकारिक अभिलेखों और दस्तावेजों की जांच के बाद चांदी के दान का पूरा ब्योरा साझा किया है:
- 21 जुलाई से 28 जुलाई 2020: इस अवधि के दौरान ट्रस्ट को पहली बार कुल 38 किलोग्राम चांदी दान के रूप में प्राप्त हुई थी।
- 29 जुलाई 2020: इसके ठीक बाद 29 जुलाई को 25.576 किलोग्राम चांदी की ईंटें दान मिलने का स्पष्ट रिकॉर्ड बहीखाते में दर्ज है।
चढ़ावे में गड़बड़ी की जांच जारी, 8 आरोपी गिरफ्तार
भले ही चांदी की ईंटें गायब होने की बात अफवाह साबित हुई हो, लेकिन मंदिर के चढ़ावे और दान राशि में कथित हेरफेर का मुख्य मामला अभी भी जांच के दायरे में है।
एसआईटी की सिफारिश पर इस वित्तीय गड़बड़ी को लेकर पहले ही एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी है। इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों पर दान की राशि चोरी करने, आपराधिक साजिश रचने, अमानत में खयानत (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। फिलहाल पुलिस और एसआईटी मिलकर इस मामले के अन्य पहलुओं को खंगाल रही हैं।
