केरल विधानसभा से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ केंद्र सरकार द्वारा विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में किए गए संशोधनों के खिलाफ एक प्रस्ताव आम सहमति (बहुमत) से पारित किया गया है। विधानसभा ने केंद्र सरकार से इस विवादित संशोधन को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
प्रस्ताव के पक्ष में गिरे रिकॉर्ड 111 वोट
सदन में यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन द्वारा पेश किया गया। प्रस्ताव पर चर्चा के बाद हुई वोटिंग में इसे भारी बहुमत मिला। मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव के पक्ष में रिकॉर्ड 111 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में महज 2 वोट ही दर्ज किए गए। प्रस्ताव पास होने के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी की जा रही है।
संशोधनों को वापस लेने की पुरजोर मांग
प्रस्ताव के जरिए केरल सरकार और विपक्षी दलों ने एक सुर में केंद्र के इस कदम का विरोध किया है। राज्य सरकार का मानना है कि एफसीआरए (FCRA) कानून में किए गए नए बदलावों से कई सामाजिक, शैक्षणिक और जन-कल्याणकारी संगठनों के कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। यही वजह है कि विधानसभा ने इस कानून को पुराना स्वरूप देने या इन संशोधनों को पूरी तरह निरस्त करने की पुरजोर वकालत की है।
