चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘विकसित भारत’ गारंटी योजना के मौजूदा स्वरूप का कड़ा विरोध किया है। सीएम विजय ने इस योजना के फंडिंग मॉडल और कड़े नियमों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसमें तुरंत बदलाव करने की मांग की है। उन्होंने चिंता जताई है कि इस योजना को इसी रूप में लागू करने से राज्यों की अर्थव्यवस्था पर भारी वित्तीय दबाव पड़ेगा।
पीएम मोदी को लिखा पत्र, ‘वीबी जीरामजी एक्ट’ में मांगी छूट
मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक आधिकारिक पत्र भेजकर अपनी आपत्तियों से अवगत कराया है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा, “वीबी जीरामजी एक्ट, 2025 (VB Jeeramji Act, 2025) के कुछ मौजूदा प्रावधानों में जरूरी संशोधन और छूट बेहद आवश्यक हैं। अगर ये बदलाव नहीं किए गए, तो जमीनी स्तर पर इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।”
राज्य के खजाने पर पड़ेगा भारी आर्थिक बोझ
फंडिंग के वर्तमान ढांचे पर चिंता जताते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने इसके नियमों और वित्तीय फ्रेमवर्क में ढील नहीं दी, तो इससे अकेले तमिलनाडु राज्य पर 5000 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। उन्होंने केंद्र से अपील की है कि राज्यों के वित्तीय हितों को ध्यान में रखते हुए इस योजना के नियमों को व्यावहारिक बनाया जाए।
