रांची: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। राज्य के विभिन्न जिलों में सक्रिय 16 माओवादियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इसे झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और झारखंड जगुआर द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन नवजीवन-II’ की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में कई बड़े इनामी और शीर्ष पदाधिकारी शामिल हैं, जिनमें 1 रीजनल कमांडर (15 लाख रुपये का इनामी संतोष उर्फ बासुदेव दा), 3 जोनल कमांडर (10 लाख रुपये का इनामी चंदन लोहरा), 3 सब-जोनल कमांडर (5 लाख रुपये का इनामी अनिल तुरी), 6 एरिया कमांडर और 3 कैडर सदस्य शामिल हैं। सरेंडर करने वालों में 11 पुरुष और 5 महिला नक्सली हैं, जिनमें अधिकांश झारखंड और एक सदस्य पड़ोसी राज्य ओडिशा का रहने वाला है।
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने दो एके-47, छह इंसास राइफल, एक एम-16, एक यूएस कार्बाइन और एक एचके-33 सहित कुल 11 अत्याधुनिक हथियार, 38 मैगजीन और 1,562 राउंड कारतूस सौंपे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और बेहतर रणनीति के कारण नक्सली अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं। सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत इन सभी को उचित लाभ दिए जाएंगे।
