रांची: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से बुधवार को रांची के सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले के प्रमुख निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यशाला के दौरान सिविल सर्जन ने सभी निजी चिकित्सा संस्थानों को आगामी 15 दिनों के भीतर यानी 30 अगस्त तक ‘ABDM Enabled HMIS’ व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने की समय-सीमा तय की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि तक निर्देशों का पालन न करने वाले अस्पतालों के खिलाफ नियमसंगत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- आभा आईडी (ABHA ID) अनिवार्य: अस्पतालों को अपनी OPD और IPD में आने वाले प्रत्येक मरीज की ‘आभा आईडी’ बनाकर उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल फॉर्मेट से जोड़ना होगा।
- PMJAY भुगतान पर संकट: आयुष्मान भारत (PMJAY) से सूचीबद्ध अस्पतालों को चेतावनी दी गई है कि ABDM लागू न होने की स्थिति में उनका बकाया भुगतान रोका जा सकता है।
- पंजीकरण और नवीनीकरण: सभी स्वास्थ्य केंद्रों का ‘हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री’ (HFR) और डॉक्टरों व कर्मियों का ‘हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री’ (HPR) में नामांकन जरूरी है। HPR के बिना ‘क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट’ (CEA) के तहत मिलने वाले लाइसेंस का नवीनीकरण (Renew) नहीं किया जाएगा।
कार्यशाला में ABDM (झारखंड) के संयुक्त निदेशक राजन कुमार, डॉ. रंजना सिन्हा, नोडल अधिकारी रश्मि नंदे और जिला डाटा प्रबंधक संजय तिवारी ने उपस्थित प्रतिनिधियों को डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम से जुड़ी तकनीकी जानकारियां प्रदान कीं। अंत में सदर अस्पताल की आयुष्मान नोडल पदाधिकारी डॉ. तवा रिजीवी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
