रांची। भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 सालों के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए एशियन गेम्स में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। फाइनल मुकाबले में चीन को 1-0 से हराकर मिली इस शानदार सफलता में झारखंड की चार होनहार बेटियों ने मुख्य भूमिका निभाई। रविवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने सरकारी आवास पर इन सभी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री सोरेन ने खिलाड़ियों को पारंपरिक झारखंडी पट्टा ओढ़ाकर और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य की बेटियों ने वैश्विक स्तर पर तिरंगा लहराकर पूरे झारखंड और देश को गौरवान्वित किया है।
सलीमा टेटे की कप्तानी में बना इतिहास
भारतीय महिला हॉकी टीम की यह ऐतिहासिक उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि टीम की कप्तानी झारखंड की सलीमा टेटे कर रही थीं। टीम में शामिल झारखंड की चारों बेटियों का विवरण इस प्रकार है:
- सलीमा टेटे (कप्तान) – सिमडेगा
- ब्यूटी डुंगडुंग – सिमडेगा
- दीपिका सोरेन – सिमडेगा
- निक्की प्रधान – खूंटी
2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक का मिला डायरेक्ट टिकट
एशियन गेम्स में मिली इस स्वर्णिम जीत का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि भारतीय महिला हॉकी टीम ने वर्ष 2028 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स में आयोजित होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए सीधा (डायरेक्ट) क्वालिफाई कर लिया है।
स्वदेश लौटने पर रांची एयरपोर्ट पर भी इन खिलाड़ियों का ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक नृत्य और फूलों की बारिश के साथ भव्य स्वागत किया गया था। इस अभूतपूर्व सफलता के बाद राज्य सरकार की ओर से खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए विशेष घोषणाएं भी की जा रही हैं।
