भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा विक्रमशिला पुल: नाव के सहारे सात फेरे, गंगा की लहरों के बीच हो रही दुल्हनों की विदाई

भागलपुर (बिहार): बिहार के भागलपुर में सिस्टम की लापरवाही और भ्रष्टाचार का खामियाजा अब आम जनता को अपनी खुशियों की कीमत चुकाकर भुगतना पड़ रहा है। विक्रमशिला पुल का एक हिस्सा ढहने के बाद आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है, जिसके चलते शादी-ब्याह के इस सीजन में दूल्हा-दुल्हन को नाव के सहारे गंगा नदी पार करनी पड़ रही है।

डोली के बदले नाव का सहारा

विक्रमशिला पुल के बीच से टूटकर गंगा में समा जाने के बाद इलाके की तस्वीर बदल गई है। जहाँ से कभी गाड़ियां और बारातों के काफिले गुजरते थे, वहाँ अब नावों का तांता लगा है। सोशल मीडिया और जमीन पर ऐसे कई दृश्य दिख रहे हैं जहाँ दूल्हा एक हाथ में दुल्हन का सामान थामे और दूसरे हाथ से अपनी जीवनसंगिनी का हाथ पकड़कर उसे नाव पर चढ़ा रहा है। विदाई के वक्त सजी-धजी दुल्हनें भारी लहंगे और गहनों के साथ जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करने को मजबूर हैं।

जनता में भारी आक्रोश, सरकार पर बरसे लोग

पुल टूटने से न केवल बाराती, बल्कि मजदूर और रोजमर्रा के यात्री भी त्रस्त हैं। स्थानीय लोगों का गुस्सा सरकार और प्रशासन पर फूट पड़ा है।

  • भ्रष्टाचार का आरोप: लोगों का कहना है कि सरकार के भ्रष्टाचार के कारण पुल ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
  • मुश्किल सफर: कार और बस का सफर अब बीते दिनों की बात हो गई है। अब घंटों इंतजार के बाद नाव ही एकमात्र सहारा बची है।

परंपराओं पर भारी पड़ी बदहाली

इस भीषण अव्यवस्था के बावजूद लोग किसी तरह अपनी परंपराएं निभाने की कोशिश कर रहे हैं। शादी जैसे खास मौके पर जहाँ परिवार खुशियां मनाते हैं, वहीं भागलपुर के इन परिवारों को नदी के तेज बहाव और असुरक्षित नावों के बीच जान हथेली पर रखकर सफर करना पड़ रहा है।

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