रांची: झारखंड में JPSC, JSSC-CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे पर भाजपा अब आर-पार के मूड में आ गई है। पार्टी ने ऐलान किया है कि युवाओं और छात्रों के समर्थन में 1 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिलों में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि इससे एक दिन पहले 31 जुलाई की शाम राज्यव्यापी मशाल जुलूस निकाला जाएगा।
संसद परिसर में सांसदों का मौन उपवास राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में झारखंड के सांसदों ने दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक घंटे का मौन उपवास रखा। इस दौरान सांसद बी.डी. राम, विद्युत वरण महतो, डॉ. प्रदीप वर्मा, ढुल्लू महतो, मनीष जायसवाल और कालीचरण सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
JPSC और JSSC गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग मौन प्रदर्शन के बाद प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरकार से मांग की कि JPSC, JSSC-CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 6 वर्षों में राज्य में लगातार प्रश्न पत्र लीक हो रहे हैं और 14वीं JPSC परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।
कांग्रेस की दोहरी राजनीति पर साधा निशाना आदित्य साहू ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस झारखंड में हो रहे भर्ती घोटालों पर पूरी तरह मौन है। भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद राज्य का युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर है, लेकिन सरकार के पास न तो नैतिकता बची है और न ही युवाओं के प्रति कोई संवेदनशीलता।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी और छात्रों की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती से उठाएगी।
