नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 20 वीरों को छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक बड़े एंटी-नक्सल ऑपरेशन के दौरान दिखाए गए अदम्य साहस के लिए ‘वीरता पदक’ (Medals for Gallantry) से सम्मानित किया गया है। 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इन पदकों की आधिकारिक घोषणा की गई।
इस वर्ष सीमा सुरक्षा बल (BSF) के कुल 67 जवानों और अधिकारियों को विभिन्न राष्ट्र सेवा सम्मानों से नवाजा गया है, जिसमें 20 वीरता पदक, 5 विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (PSM) और 42 मेधावी सेवा पदक (MSM) शामिल हैं।
कांकेर का ऐतिहासिक एंटी-नक्सल ऑपरेशन वीरता पदक पाने वाले सभी 20 जवान BSF की 94वीं बटालियन से संबंधित हैं। इन जवानों ने 15-16 अप्रैल 2024 को छत्तीसगढ़ पुलिस के डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के साथ मिलकर कांकेर जिले के बिनागुंडा और कलपर गांवों के जंगलों में एक बेहद सटीक और साहसिक संयुक्त ऑपरेशन चलाया था।
- 29 नक्सली ढेर: इस भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 29 कट्टर माओवादियों को मार गिराया था।
- बड़ा हथियार जखीरा बरामद: मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, एके-47, और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी।
BSF का बहुआयामी योगदान भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमाओं की सुरक्षा में तैनात रहने वाला सीमा सुरक्षा बल देश के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी उग्रवाद विरोधी अभियानों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कांकेर में मिली यह ऐतिहासिक सफलता BSF के जवानों के उच्च मनोबल और अदम्य साहस का प्रतीक है, जिसे अब राष्ट्र ने वीरता पदकों से अलंकृत किया है।
